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What is it about SIR that has claimed the lives of 27 employees across the country? Is it simply chaos or a preparation for a larger political objective? लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कर्मचारियों की जान पर चुनावी स्टंट! भाजपा सरकार का जल्दबाज़ी वाला SIR तंत्र!

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कर्मचारियों की जान पर चुनावी स्टंट, भाजपा सरकार का जल्दबाज़ी वाला SIR तंत्र! “SIR अभियान में आखिर ऐसा क्या है कि देशभर में 27 BLO की जान चली गईऔर यूपी में आधे से कम फॉर्म ही जमा हो पाए? क्या यह सिर्फ अव्यवस्था है या किसी बड़े राजनीतिक उद्देश्य की तैयारी? माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी जिन सवालों को लगातार उठा रहे हैं, वे इस अभियान की परतें खोलते हैं, जाने  सारा सच! ” सरकार और चुनाव आयोग आज जिस SIR अभियान को सफल बताने में जुटे हैं, उसकी वास्तविकता बिल्कुल उलट है। यह केवल फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों के मताधिकार और लोकतंत्र की जड़ों को प्रभावित करने वाला गंभीर मुद्दा है। सरकार ने पहले इस भारी-भरकम काम के लिए सिर्फ एक महीना दिया और जब दबाव और अव्यवस्था की सच्चाई सामने आई, तब मजबूरी में केवल एक हफ्ता बढ़ाकर समयसीमा 11 दिसंबर कर दी गई। सवाल यह है कि जब आधा काम तक पूरा नहीं हुआ तो जिम्मेदारी किसकी है? क्या नागरिक दोषी हैं या फिर भाजपा की वह मानसिकता, जो बहुजन समाज और पीडीए वर्ग की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी से घबराई बैठी है? यही कारण है कि हमारे माननीय राष्ट्...